जयपुर।
बंगाल चुनाव पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- अबकी बार बंगाल में परिवर्तन निश्चित है और वहां की जनता परिवर्तन का मानस बन चुकी है। उन्होंने तय कर लिया है कि 15 साल में तृणमूल और ममता जी के शासन में जिस तरह की व्यवस्था अवस्था बंगाल में रही लूट-खसोट गुंडागर्दी-बदमाशी इन सब का आलम था। कल के चुनाव प्रचार थमने के बाद 29 अप्रैल को जो मतदान होगा वो पहले दौर के मतदान के अनुरूप ही होगा। जनता परिवर्तन के लिए मतदान करेगी। कहा- पहले चरण के मतदान के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई और जनता ने अपना संदेश मतदान के प्रतिशत के हिसाब से दे दिया। और जिस पारदर्शिता के साथ यह चुनाव चुनाव आयोग ने कराया अब पहली बार बंगाल के लोगों के मन की बात मतपेटियों के माध्यम से बाहर निकलेगी
बंगाल पहले चुनौती थी अब नहीं निश्चित रूप से प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बन रही है।
कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोप पर केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा – हर चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी व इंडी एलायंस के लोगों ने कहीं ना कहीं अपनी हार का ठीकरा किसी न किसी पर फोड़ने की कोशिश करते है। कभी EVM पर, कभी व्यवस्थाओं पर,और अब चुनाव आयोग पर..अपनी संभावित हार का ठीकरा फोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
सचिन पायलट के दोनों पैर अब कांग्रेस में है संबंधी पूर्व cm अशोक गहलोत के बयानों पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा – गहलोत साहब अपने नेतृत्व व कांग्रेस पार्टी को कभी भी भुलाने नही देना चाहते की मानेसर की कोई घटना हुई थी। उस घटना के समय भी मैने कहा था और आज फिर कह रहा हूँ कि.उस घटना (मानेसर) के रचनाकार,कहानी के रचयिता, पूरे ड्रामे के डायरेक्टर और उस ड्रामे का पटाक्षेप करने वाले अशोक गहलोत ही थे,सचिन पायलट तो मात्र एक मोहरे थे। अभी भी उस मोहरे को किस तरह अपने राजनीतिक वनवास को समाप्त करने के लिए उपयोग किया जाए इसलिए अशोक गहलोत इस तरह की बयानबाजी करते है और आगे भी करते रहेंगे।
मिडिल ईस्ट संकट और युद्ध के हालातो के कारण पर्यटक सेक्टर पर पड़ रहे असर पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा – निश्चित रूप से पर्यटन क्षेत्र पर इसका असर पड़ता है लेकिन यह चुनौती वैश्विक है और वैश्विक पर्यटन पर इसका प्रभाव पड़ेगा लेकिन भारत में देसी सैलानियों और विदेशी सैलानियों की संख्या और अनुपात में बहुत बड़ा अंतर है यदि पूरी दुनिया की परिपेक्ष में देखा जाए तो टूरिज्म इकोनामी को समझते हुए अन्य देशों में बाहरी यानी विदेशी टूरिस्ट ज्यादा होते हैं लेकिन इंडिया की बात की जाए तो यहां फॉरेन टूरिस्ट की तुलना में डोमेस्टिक टूरिस्ट का ट्रैवल कई गुना ज्यादा होता है पिछले साल के आंकड़े इसे साबित भी करते हैं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा भारत ऐसे सौभाग्यशाली देश है जिस पर इस युद्ध का न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह आर्थिक दृष्टिकोण से भारत प्रगति कर रहा है उसपर इस युद्ध का असर न्यूनतम पड़ा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रधानमंत्री को लेकर आए मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के विवादित बयानों पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा – कांग्रेस नेताओं की यह पुरानी आदत है साल 2023 24 के चुनाव के समय भी जब राजस्थान मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में प्रचंड बहुमत से बीजेपी की सरकार बनी उसे ठीक पहले भी कांग्रेस के नेता कभी भारतीय संस्कृति को लेकर तो कभी हिंदुत्व को लेकर इस तरह की बयान बाजी करते थे तब चुनाव में जनता ने उन्हें सबक सिखाया और अब फिर मतदाता उनके बयानों को अपने मानस पर बैठ चुका है और मत रूपी चोट देकर इन्हें सबक सिखाएगा।
पांडुलिपि के डिजिटाइजेशन (ज्ञान भारतम् मिशन) को लेकर केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा – प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से बहुत महत्वपूर्ण और अत्यंत प्रभावकारी मिशन ज्ञान भारत मिशन के नाम से यह काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा थी केवल डिजिटाइजेशन का अर्थ केवल डिजिटल रिकॉर्ड बनाकर रखना मात्रा ना हो बल्कि डिजिटाइजेशन का मतलब वह किसी भी भाषा की पांडुलिपि हो और किसी भी क्षेत्र से मिली हो उस सबको डिजिटाइज़ करना, उसको कंप्यूटर रीडेबल फॉरमैट में लाना ताकि AI के माध्यम से उसका दूसरे भाषा में ट्रांसलेशन हो सके। हमने व्यापक तैयारी की है। एक साल के कालखंड में हमने देश दुनिया के सारे विशेषज्ञ के साथ में अलग-अलग बैठक की। हमने इस प्रयास को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा और आज हमने अपना AI मॉडल डेवलप किया।
कहा- मैं गर्व के साथ कह सकता हूं अब तक 62 लाख से अधिक पांडुलिपियों को हमने 62 लाख पांडुलिपियों को खोज लिया जिसका AI के रूप में डिजिटलाइज कर पोर्टल पर अपलोड कर दिया। मैं जिम्मेदारी के साथ कहता हूं इस मिशन में जो ज्ञान का भंडार छुपा हुआ है जिसे हमारे पूर्वज ऋषि आदि जो ज्ञान और अध्ययन रखते थे इन पांडुलिपियों के माध्यम से जब डिजिटाइजेशन हो जाएगा और AI ट्रांसलेशन हो जाएगा तो देश दुनिया के सामने आएगा। जिससे मैं कह सकता हु की भारत के प्रति देखने का नजरिया और भाव बदल जाएगा।

