– शहर में कांग्रेस के दो गुटों में आपसी खींचतान के चलते स्वायत शासन विभाग को अपने ही आदेश महज कुछ घंटों में बदलने पड़ रहे है
आबूरोड, 21 सितंबर (ब्यूरो): प्रदेश में सिरोही जिले की आबूरोड नगरपालिका ही एक मात्र ऐसी नगरपालिका है जहां पर बीते ढाई साल में 20 अधिशासी अधिकारी बदल गए। इतना ही नहीं अपवाद स्वरूप छोड़ दे तो स्वायत शासन विभाग द्वारा जब भी यहां स्थाई अधिशासी अधिकारी लगाने की कोशिश की जाती है। शहर में कांग्रेस के दो गुटों की आपसी लड़ाई के चलते ऐसे आदेश को निरस्त करना पड़ रहा है। आबूरोड नगरपालिका को राजनीतिक हस्तक्षेप का ग्रहण ही लग गया है। भाजपा के वर्तमान बोर्ड के ढाई साल के कार्यकाल में 20 से ज्यादा बार अधिशासी अधिकारी बदल गए। इनमें से कई तो 3-4 माह बाद तो कई चंद दिनों के भीतर ही बदल दिए गए। बार-बार अधिशासी बदलने के पीछे राजनीतिक हस्तक्षेप एवं शहर में दो गुटों में बंटी कांग्रेस की वर्चस्व की लड़ाई है। हालत यह है कि जैसे ही एक गुट नए अधिशासी अधिकारी को लाने की कोशिश करता है दूसरे गुट के लोग उसे कैंसिल करवाने में लग जाते है। ऐसे मामले में स्वायत शासन विभाग को चंद घंटों में यहां अधिशासी अधिकारी लगाने के आदेशों को बदलना पड़ रहा है। बहरहाल इसका खामियाजा आमजन भुगत रहा है।
ऐसे चला इओ लगाने व हटाने का सिलसिला
4 जनवरी को त्रिकमदान चारण को एपीओ किया
4 फरवरी को विनोद बंसल को एपीओ किया, 9 फरवरी को पुनः इओ पद पर पदस्थापित किया । 16 फरवरी को फिर एपीओ किया। 22 फरवरी को न्यायालय ने एपीओ आदेश पर स्थगनादेश जारी किया।
30 सितम्बर को विनोद बंसल सेवानिवृत होने के बाद रवि खन्ना को इओ लगाया।
4 अक्टूबर को रवि खन्ना का तबादला कर पिण्डवाड़ा इओ को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा।
5 अक्टूबर को नरसीलाल मीणा को इओ लगाया।
14 अक्टूबर को नरसीलाल मीणा का भरतपुर तबादला । फिर पिण्डवाड़ा इओ को कार्यभार सौंपा
29 अक्टूबर को हिमांशु अग्रवाल को इओ लगाया।
13 दिसम्बर को हिमांशु अग्रवाल का बांदीकुई तबादला उनके स्थान पर फिर नरसीलाल मीणा को लगाया, हालांकि मीणा के पदभार नहीं सम्भालने पर भंवरलाल सैन को अतिरिक्त कार्यभार सौपा।
12 जनवरी को अनिल झिंगोनिया को इओ लगाया
22 मई को अनिल झिंगोनिया एपीओ।
2 जून को माउंट आबू आयुक्त को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा।
15 जुलाई को आबूरोड तहसीलदार को आबूरोड इओ का अतिरिक्त कार्य करने को अधिकृत किया।
28 जुलाई को आबूरोड तहसीलदार का टोंक तबादला।
21 नवम्बर को प्रकाश डूडी को आबूरोड ईओ पद पर पदस्थापित किया गया।
23 फरवरी को प्रशासनिक कारणों से प्रकाश डूडी को एपीओ किया गया।
14 मार्च को सिरोही से एपीओ हुए अनिल झिंगोनिया को आबूरोड ईओ लगाया गया।
25 जुलाई को झिंगोनिया को आबूरोड से एपीओ किया गया।
25 जुलाई को एपीओ आदेश निरस्त कर झिंगोनिया को आबूरोड ईओ पद पर यथावत रखा गया
8 अगस्त को झिंगोनिया को विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित होने के चलते निलम्बित किया गया।
18 सितम्बर को नगरपालिका ईओ पद पर एपीओ चल रहे पवनकुमार को पदस्थापित किया गया, आदेश के कुछ घंटों बाद ही पवनकुमार को आबूरोड से श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया
स्थाई अधिशासी अधिकारी नही होने से आमजन हो रहा है परेशान
बीते लंबे समय से स्थाई अधिशासी अधिकारी नही होने से नगरपालिका के कामकाज बाधित हो रहे है। इस मामले मे कई बार उच्च प्रशासन को भी अवगत करवाया गया। लेकिन, अभी तक कोई कारवाई नही हुई है।
मगनदान चारण, पालिकाध्यक्ष, आबूरोड।
कई बार विधानसभा में भी उठाया है मुद्दा
इस मामले को कई बार विधानसभा में उठाया गया है। इसके अलावा स्वायत शासन मंत्री एवं मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर भी नियमित रूप से पत्र भेजे गए है। इसका उनके पास रिकार्ड उपलब्ध है। आबूरोड में कांग्रेस की आपसी गुटबाजी का खामियाजा आमजन भुगत रहा है।
जगसीराम कोली, क्षेत्रीय विधायक।
