सवाल-: अगर इस्तीफा नहीं देंती, तो संविधान क्या कहता है?
Question : If she does not resign, what does the Constitution say?
जवाबः संविधान का अनुच्छेद 164 राज्य के मंत्रिपरिषद के गठन और इसमें राज्यपाल की शक्तियों से जुड़ा हुआ है। अनुच्छेद 164(1) कहता है कि मुख्यमंत्री ‘राज्यपाल की इच्छा तक’ पद पर बने रह सकते हैं। अगर मौजूदा मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो राज्यपाल अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए उनकी सरकार को बर्खास्त कर सकते हैं।
Article 164 of the Constitution deals with the constitution of the Council of Ministers of the State and the powers of the Governor in it. Article 164(1) states that the Chief Minister may continue in office “until the Governor’s pleasure”. If the incumbent chief minister does not resign, the governor can use his authority to dismiss his government.
हालांकि इसकी भी नौबत नहीं आएगी। क्योंकि अनुच्छेद 172 कहता है, ‘हर राज्य की विधानसभा यदि पहले ही विघटित नहीं कर दी जाती है तो, अपने प्रथम अधिवेशन के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष तक बनी रहेगी, इससे अधिक नहीं। और पांच वर्ष की उक्त अवधि की समाप्ति का परिणाम विधानसभा का विघटन होगा।’
मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 7 मई यानी कल तक ही है। उसके बाद न पुराने विधायक बचेंगे, न विधानसभा, न मंत्रिमंडल और न ही मुख्यमंत्री।
The term of the current assembly is till May 7 i.e. tomorrow. After that, there will be no old MLAs, no Assembly, no Cabinet, no Chief Minister.
सवाल-3: इस स्थिति पर एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
Question 3: What do the experts say about this situation?
जवाबः संविधान के जानकार और सुप्रीम कोर्ट में वकील vipul Sharma बताते हैं-
राज्य में सरकार के 4 स्ट्रक्चर होते हैं- विधायक, विधानसभा, मंत्रिमंडल और मुख्यमंत्री। उनका संवैधानिक मुखिया राज्यपाल होता है।
पश्चिम बंगाल में 7 मई के बाद विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो जाएगा और नए विधायकों को सर्टिफिकेट मिल जाएंगे। इसके बाद न पुरानी विधानसभा रहेगी और न पुराना मंत्रिमंडल ही रहेगा।
चुनाव आयोग ने संविधान के प्रावधानों और रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट के सेक्शन 15 के अनुसार नोटिफिकेशन जारी करके नई विधानसभा के विधायकों का चुनाव करा लिया है। तो जो पुरानी विधानसभा है, वह अस्तित्व में नहीं रहेगी।
ऐसे में ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। अगर कानूनी भाषा में देखें तो वह ‘नॉन-एस्ट’ होगा, उनका कानूनी अस्तित्व ही नहीं रहेगा।
लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार, नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण तक पुराने मुख्यमंत्री कार्यवाहक बने रहते हैं। यदि वे राज्यपाल को त्यागपत्र देने से इनकार करती हैं, तो भी नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण कराया जा सकता है और नई विधानसभा का गठन किया जा सकता है।
vipul Sharma का कहना है कि अगर ममता बनर्जी प्रत्यक्ष जाकर राज्यपाल को इस्तीफा नहीं देना चाहतीं, तो वो ईमेल या चिट्ठी के माध्यम से भी भेज सकती हैं। ये भी मान्य होता है।

