खाटूश्याम में अब 8KM कम चलना पड़ेगा:जानलेवा भगदड़ रोकने के लिए 35 करोड़ खर्च

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घोड़ों पर पुलिस, 10 नहीं 40 फीट का रास्ता
पिछले साल 8 अगस्त 2022 को मंदिर में दर्शन के दौरान हुई भगदड़ के बाद यहां बहुत कुछ बदल दिया गया है। इस हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई थी। मंदिर कमेटी ने हादसे से सबक लेते हुए प्रशासन की मदद से इस बार बेहतर व्यवस्थाएं की हैं।भगदड़ वाली घटना के बाद मंदिर में पूरी व्यवस्थाएं बदल चुकी हैं बताया गया कि देशभर से आने वाले भक्त आसानी से दर्शन कर सकें, इसके लिए 4 करोड़ की जमीनें खरीदी गई हैं और करीब 35 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं

40 फीट का रास्ता बनाने के लिए 4 करोड़ खर्च
पिछले साल श्याम बगीची के पास बने गेट पर ही हादसा हुआ था। अचानक दबाव बढ़ने पर भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 3 महिलाओं की मौत हो गई थी। श्रद्धालुओं ने गेट पर लगा ताला भी तोड़ डाला था। वहां पर रास्ता भी काफी संकरा था। जहां हादसा हुआ उसी के सामने मंदिर कमेटी ने एक जमीन खरीदी। यहां पहले 10 से 12 फीट का रास्ता था, लेकिन अब जमीन लेकर यहां 40 फीट का रास्ता बना दिया गया है। जो घुमावदार मोड़ थे, उन्हें सीधा कर दिया गया है। यहां करीब 100 से ज्यादा दुकानें हैं, जिनकी रजिस्ट्री करवाई गई है। पहले यहां पर कच्चा रास्ता बना हुआ था। अब ये रास्ता भी सीमेंटेड कर दिया गया है। जमीनें लेने और सड़कें बनाने से लेकर निर्माण कार्यों पर करीब 35 करोड़ रुपए का खर्चा हुआ है।
अब ये हैं व्यवस्था: नई व्यवस्था के तहत मंदिर कमेटी से पीछा का रास्ता तोड़ दिया गया है। दर्शन के लिए 14 लाइनें बनाई गई हैं। इन्हीं लाइनों से ही दर्शन कराए जा रहे हैं। दर्शन के बाद तीन रास्तों से सीधे श्रद्धालु बाहर निकल जाते हैं।
प्रशासन भीड़ के लिए भी तैयार
सबसे खास बात है कि पहले रींगस से 18 किमी पैदल चलकर मंदिर आना पड़ता था। फिर चारण खेत और लखदातार ग्राउंड में भी 18 किमी पैदल चलना पड़ता था। अब ये रास्ता काफी कम हो गया है। जिगजैग का रास्ता 10 किलोमीटर का रह गया है। इस घुमावदार रास्ते को सीधा कर दिया गया है।

चारण खेत में जिगजैग की 8 लाइनें हैं, जो करीब 4 किलोमीटर की हैं और दूसरी ओर लखदातार ग्राउंड में भी 8 लाइनें बनाई गई हैं जो कि 5 किलोमीटर का रास्ता बनाती हैं। हालांकि इन्हें तभी खोला जाएगा जब बहुत अधिक भीड़ का दबाव बढ़ेगा। पहले एक ही ग्राउंड को खोला जाएगा। भीड़ अधिक बढ़ने पर दोनों ग्राउंड के जिगजैग को खोला जाएगा। लखदातार ग्राउंड से सीधे 40 फीट का रास्ता मेला ग्राउंड तक बनाया गया है।

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