राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने किताब के ‘ज्यूडीशियरी करप्शन’ चैप्टर को लेकर बिना शर्त माफी मांगी है।
चैप्टर को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद किताब की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। CJI सूर्यकांत ने कहा था कि न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दे सकते। NCERT ने प्रेस रिलीज में कहा-
NCERT की सोशल साइंस की आठवीं (पार्ट-2) की टेक्स्ट बुक ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ का चैप्टर 4 ‘द रोल ऑफ ज्यूडीशियरी इन अवर सोसाइटी’ था। NCERT के डायरेक्टर और सदस्य इसके लिए बिना किसी शर्त के माफी मांगते हैं। पूरी किताब को ही वापस बुला लिया गया है। अब यह उपलब्ध नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
25 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ चैप्टर वाली NCERT किताब की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। NCERT के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की थी।
सूत्रों के अनुसार, NCERT ने चैप्टर का सुझाव देने वाले एक्सपर्ट्स और इसे मंजूरी देने वाले अधिकारियों की इंटरनल मीटिंग बुलाई। किताब को वेबसाइट से भी हटा लिया गया है। सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल और अभिषेक सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाया था।
सुनवाई के दौरान सिब्बल ने CJI सूर्यकांत, जस्टिस विपुल एम पंचोली और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच को बताया कि क्लास 8 के बच्चों को न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जा रहा है। यह निंदनीय है। सिंघवी ने कहा कि NCERT ने मान लिया है कि राजनीति, ब्यूरोक्रेसी और अन्य संस्थानों में भ्रष्टाचार है ही नहीं।
इसपर CJI सूर्यकांत ने कहा- दुनिया में किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह एक सोची-समझी और गहरी साजिश लगती है। मुझे पता है इससे कैसे निपटना है। मैं यह केस खुद हैंडल करूंगा। हम इस बारे में और कुछ नहीं कहना चाहते।

