Digital Arrest Cyber Crime attempt
3 दिन तक साइबर ठग उनसे फोन के जरिए जुड़े रहे, टेबल पर फोन रखवा कर ट्रैक करते रहे। इसके बाद दंपती तीसरे दिन 15 लाख की FD तुड़वा कर जैसे ही रुपए ट्रांसफर करने लगे तो शक हुआ कि पुलिस अज्ञात खाते में रुपए क्यों डलवा रही है। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को दूसरे फोन से कॉल किया तो पता चला कि ये साइबर फ्रॉड था। बेटी ने तुरंत उन्हें ठगों का नंबर ब्लॉक करने को कहा।
मामला चित्तौड़गढ़ का है। मामले में पीड़ित महिला ने साइबर थाने में लिखित शिकायत दी है।
पीड़ित महिला ने बताया कि 3 दिन पहले यानी शनिवार को उनके पास एक फोन कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया। उसने कहा कि पुलवामा में हुए एक मामले में उनका नाम सामने आया है और उनके नाम से केनरा बैंक का डेबिट कार्ड तथा एक सिम जारी हुई है, जिसका इस्तेमाल फ्रॉड में किया गया है।
अचानक पुलिस का नाम सुनकर वे घबरा गए और उस समय उन्हें समझ नहीं आया कि यह ठगी हो सकती है। इसके बाद कॉल करने वाले ने कहा कि यह मामला पुणे पुलिस को फॉरवर्ड किया जा रहा है और वहां से अधिकारी उनसे संपर्क करेंगे। कुछ ही देर बाद दूसरे व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को पुणे पुलिस का अधिकारी बताते हुए उनसे लंबी पूछताछ शुरू कर दी।

