जयपुर, 29 अगस्त। अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-1, महानगर द्वितीय ने राजस्व अधिकारी और अधिशाषी अधिकारी भर्ती, 2022 में परीक्षार्थियों को ब्लूटूथ के जरिए नकल कराने के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे आरोपी तुलछाराम कालेर को जमानत देने से इनकार कर दिया है। पीठासीन अधिकारी बीएल चंदेल ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी के कृत्य से योग्य व्यक्ति चयन से वंचित हुए हैं और मेहनत करने वाले हजारों अभ्यर्थियों के साथ धोखाधडी कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड किया गया है। ऐसे में आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
जमानत अर्जी में कहा गया कि उसे प्रकरण में झूठा फंसाया गया है और वह करीब आठ माह से जेल में बंद हैं। जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ आरोप पत्र भी पेश कर दिया है। जिसमें ट्रायल पूरी होने में लंबा समय लगने की संभावना है। इसलिए उसे जमानत पर रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए विशेष लोक अभियोजक बीएस चौहान ने बताया कि बीकानेर के नया शहर गंगाशहर में दर्ज एफआईआर के अनुसार परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों से ब्लूटूथ बरामद हुए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि तुलछाराम उन्हें नकल करा रहा था। जांच में आरोप साबित होने पर उसे गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा उसके खिलाफ विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।
2025-08-29