20 दिसंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद में पारित परमाणु ऊर्जा के सतत उपयोग और उन्नति (शांति) विधेयक को मंजूरी दे दी है।
– इसका पूरा नाम सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (SHANTI) बिल है।
– बिल बनने के बाद अब प्राइवेट कंपनियां इसमें पार्टनरशिप कर सकेंगी।
– इस कानून के बाद प्राइवेट कंपनियां और जॉइंट वेंचर को सरकार से लाइसेंस दिया जाएगा और उन्हें न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की अनुमति मिल जाएगी।
– इस कानून के बाद एटॉमिक एनर्जी एक्ट 1962 और सिविल लायबिलिटी फॉर न्यूक्लियर एक्ट 2010 खत्म हो गया

